PM RAHAT Scheme 2026 क्या है? ₹1.5 लाख Cashless Treatment, पात्रता और आवेदन की पूरी जानकारी
PM RAHAT Scheme में सड़क दुर्घटना के पीड़ित को, किसी भी श्रेणी की सड़क पर, दुर्घटना की तारीख से 7 दिन तक अधिकतम ₹1.5 लाख का कैशलेस इलाज मिलता है। इसके लिए न कोई आवेदन फॉर्म है, न ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन। मरीज भर्ती होता है, इलाज शुरू होता है, और बाकी काम अस्पताल, पुलिस और सरकारी पोर्टल आपस में निपटाते हैं।
इस योजना को लेकर इंटरनेट पर दो उलटी गलतफहमियाँ चल रही हैं। कहीं इसे "PM RAHAT Yojana 2026 registration" वाली योजना बताया जा रहा है, कहीं लिखा है कि ऐसी कोई योजना है ही नहीं। दोनों गलत हैं। योजना असली है, प्रधानमंत्री ने इसे 13 फरवरी 2026 को शुरू किया, और PIB की 11 मार्च 2026 की विज्ञप्ति में इसकी पूरी रूपरेखा दर्ज है।
मुख्य बातें
- कवर ₹1.5 लाख प्रति पीड़ित है, दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिन के लिए।
- सड़क कोई भी हो सकती है: हाईवे, राज्य मार्ग, शहर की गली या गाँव की सड़क।
- आवेदन या रजिस्ट्रेशन नहीं है। पीड़ित या मदद करने वाला व्यक्ति 112 पर कॉल कर सकता है।
- एक जिला प्रशासन के पेज के अनुसार, पहली बार भर्ती दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर होनी चाहिए।
- पैसा अस्पताल को Motor Vehicle Accident Fund से मिलता है, पीड़ित की जेब से नहीं जाता।
PM RAHAT Scheme क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
PM RAHAT सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस इलाज की वैधानिक योजना है। इसे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 162 के तहत अधिसूचित किया है। मकसद यह है कि दुर्घटना के बाद अस्पताल में "पहले पैसा, फिर इलाज" वाली स्थिति न बने और पहले घंटे में इलाज न रुके।
"वैधानिक" शब्द यहाँ मायने रखता है। यह बजट की कोई घोषणा नहीं, कानून की धारा से निकली योजना है। PIB के अनुसार यह किसी भी दूसरी केंद्रीय या राज्य योजना पर प्राथमिकता रखती है। मंत्रालय का कहना है कि अध्ययनों के मुताबिक पहले घंटे में अस्पताल पहुँच जाने पर सड़क हादसों की करीब आधी मौतें टल सकती हैं।
PM RAHAT का Full Form क्या है?
PM RAHAT का पूरा नाम Prime Minister Road Accident Victims' Hospitalisation and Assured Treatment है। हिंदी में इसका सीधा अर्थ बनता है: प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना। यह हिंदी रूप अनुवाद है, गजट का आधिकारिक पाठ नहीं।
यह नाम 19 फरवरी 2026 की अधिसूचना S.O. 952(E) से तय हुआ। उससे पहले योजना Cashless Treatment of Road Accident Victims Scheme के रूप में अधिसूचित थी। कुछ जगह आपको "Hospitalization" जैसी z वाली स्पेलिंग भी दिखेगी, मतलब वही है।
PM RAHAT Scheme कब शुरू हुई और किस मंत्रालय ने शुरू की?
योजना सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की है और इसे प्रधानमंत्री ने 13 फरवरी 2026 को शुरू किया। कानूनी ढाँचा उससे लगभग नौ महीने पहले बन चुका था, इसलिए "2026 में शुरू हुई" आधा सच है।
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 5 मई 2025 | धारा 162 के तहत योजना अधिसूचित (S.O. 2015(E)) |
| 20 मई 2025 | NHA ने राज्यों के लिए अस्पताल जोड़ने के दिशानिर्देश जारी किए |
| 4 जून 2025 | प्रक्रिया और SOP वाली गाइडलाइंस जारी (S.O. 2489(E)) |
| 13 फरवरी 2026 | प्रधानमंत्री ने योजना शुरू की |
| 19 फरवरी 2026 | नाम PM-RAHAT तय हुआ (S.O. 952(E)) |
बँटवारा ऐसा है: MoRTH गाइडलाइंस, फंड और स्टीयरिंग कमेटी संभालता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) अस्पताल वाला हिस्सा देखता है, यानी इलाज के पैकेज और भुगतान का पोर्टल। हर राज्य में State Road Safety Council योजना का नोडल निकाय है।
PM RAHAT Scheme में ₹1.5 लाख का लाभ कैसे मिलता है?
मरीज को अस्पताल में इलाज के लिए कोई बिल नहीं चुकाना पड़ता। अस्पताल NHA के तय Health Benefit Packages के हिसाब से इलाज करता है, दावा पोर्टल पर डालता है, और राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) की मंजूरी के बाद उसे भुगतान मिलता है। ₹1.5 लाख प्रति पीड़ित की ऊपरी सीमा है।
Meghalaya के जिला पेज पर NHA की तैयारी में 196 पैकेज गिनाए गए हैं, जिनमें दो स्टेबिलाइजेशन पैकेज हैं। मतलब बिल अस्पताल की मर्जी से नहीं, पहले से तय दरों से बनता है।
एक सवाल जिसका जवाब मुझे सरकारी दस्तावेजों में साफ नहीं मिला: इलाज ₹1.5 लाख से ऊपर चला गया तो अतिरिक्त खर्च का क्या होगा। इस पर अंदाजा लगाने के बजाय अस्पताल के योजना डेस्क से लिखित में पूछ लेना ठीक रहेगा।
PM RAHAT Scheme में इलाज कितने दिनों तक मिलता है?
अधिकतम 7 दिन, और गिनती दुर्घटना की तारीख से होती है, भर्ती की तारीख से नहीं। यानी अस्पताल पहुँचने में देर हुई तो कवर के दिन उतने घट जाते हैं।
इसे एक दूसरी समय-सीमा से न मिलाएँ। PIB के मुताबिक हर पीड़ित को नामित अस्पताल में स्टेबिलाइजेशन इलाज 24 घंटे तक (जान का खतरा न हो) या 48 घंटे तक (जान का खतरा हो) मिलता है, पुलिस की प्रतिक्रिया के अधीन। यह पुलिस के सत्यापन की खिड़की है। 7 दिन इलाज की कुल अवधि है, ये दोनों अलग चीजें हैं।
PM RAHAT Scheme का लाभ किन सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा?
मोटर वाहन के इस्तेमाल से हुई सड़क दुर्घटना के हर पीड़ित को। PIB की भाषा में "all victims involved in road accidents", यानी दायरा वाहन चालक तक सीमित नहीं दिखता। Meghalaya के जिला पेज के अनुसार पात्रता में भारतीय और विदेशी दोनों नागरिक आते हैं।
आय की कोई सीमा, बीपीएल कार्ड या Ayushman कार्ड की शर्त मुझे किसी सरकारी स्रोत में नहीं दिखी। यही इसे स्वास्थ्य बीमा वाली योजनाओं से अलग करता है, जिन पर आगे तुलना है।
क्या PM RAHAT Scheme सभी प्रकार की सड़कों पर लागू है?
हाँ। PIB में साफ लिखा है कि कवर "any category of road" पर मिलेगा। इसलिए यह धारणा गलत है कि योजना सिर्फ नेशनल हाईवे के हादसों के लिए है। शहर की सड़क, गाँव का रास्ता और राज्य मार्ग, सब बराबर हैं।
क्या PM RAHAT Scheme के लिए कोई Eligibility Criteria है?
आवेदन जैसी पात्रता नहीं है, पर तीन शर्तें दिखती हैं।
- दुर्घटना मोटर वाहन के इस्तेमाल से हुई सड़क दुर्घटना हो।
- पीड़ित पहली बार दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती हुआ हो। Meghalaya जिला प्रशासन के पेज पर लिखा है कि इसके बाद पहली भर्ती वाले पीड़ित पात्र नहीं माने जाएँगे।
- इलाज योजना के नामित अस्पताल में हो (स्टेबिलाइजेशन के लिए गैर-नामित अस्पताल का प्रावधान नीचे है)।
24 घंटे वाली शर्त PIB की विज्ञप्ति में नहीं है। वह जिला प्रशासन के पेज पर योजना के सारांश में है। इसलिए मौके पर जिला GRO या अस्पताल से इसकी पुष्टि कर लें।
PM RAHAT Scheme में कौन-कौन से अस्पताल इलाज कर सकते हैं?
आयुष्मान भारत PM-JAY में सूचीबद्ध वे अस्पताल जो NHA के दिशानिर्देश मानते हैं, अपने आप "नामित" माने जाते हैं। PIB के अनुसार 9 मार्च 2026 तक ऐसे 36,112 अस्पताल NHA के पास सूचीबद्ध थे। राज्य इनके अलावा और अस्पताल भी नामित कर सकते हैं, खासकर दुर्घटना संभावित इलाकों के पास।
जो अस्पताल PM-JAY में नहीं है, वह भी सिर्फ स्टेबिलाइजेशन इलाज दे सकता है। ऐसे मामलों में दावा जिला कलेक्टर के पास जाता है (Meghalaya जिला पेज)। मतलब सबसे नजदीकी अस्पताल में पहला इलाज योजना के दायरे से बाहर नहीं है, और यह बात दुर्घटना के वक्त सबसे काम की है। नामित अस्पताल की सूची pmjay.gov.in पर देखी जा सकती है, और 112 पर कॉल करने से भी नजदीकी नामित अस्पताल बताया जाता है।
PM RAHAT Scheme में Cashless Treatment कैसे मिलता है?
पूरी कड़ी इस क्रम में चलती है:
- दुर्घटना के बाद पीड़ित, परिवार या मदद करने वाला व्यक्ति 112 पर कॉल करता है। सिस्टम नजदीकी नामित अस्पताल और एम्बुलेंस की जानकारी देता है।
- मरीज भर्ती होता है और अस्पताल NHA के पैकेज के हिसाब से इलाज शुरू कर देता है।
- इसी समय अस्पताल TMS 2.0 पर Treatment ID बनाता है और उसे eDAR के जरिए जिला पुलिस को भेजता है।
- पुलिस 24 घंटे में (गंभीर मामले में 48 घंटे में) eDAR पर पीड़ित की पुष्टि करती है।
- अस्पताल दावा जमा करता है, SHA उसे मंजूर करता है।
- मंजूरी के बाद 10 दिन के भीतर जिला कलेक्टर या General Insurance Council भुगतान करते हैं।
PIB इसे "complete digital trail" कहता है: 112 पर पहली कॉल से लेकर अंतिम भुगतान तक हर कदम दर्ज होता है। इलाज पुलिस की पुष्टि का इंतजार नहीं करता, यह भुगतान के पक्ष का सत्यापन है।
PM RAHAT Scheme में Golden Hour क्या है और इसका क्या महत्व है?
Golden Hour गंभीर चोट के बाद का पहला एक घंटा है, जिसमें मिला इलाज जान बचाने में सबसे ज्यादा असर डालता है। घड़ी दुर्घटना के क्षण से चलती है, अस्पताल पहुँचने से नहीं।
व्यवहार में इसका मतलब यह है कि सबसे अच्छे अस्पताल की तलाश में समय गँवाने से बेहतर है 112 पर कॉल करना और नजदीकी अस्पताल में स्टेबिलाइजेशन करवाना। स्टेबिलाइजेशन इलाज गैर-नामित अस्पताल में भी योजना के तहत हो सकता है, जैसा ऊपर बताया गया। मदद करने वाले राहगीर के लिए अलग RAH-VEER व्यवस्था है: PIB के अनुसार Golden Hour में घायल को अस्पताल पहुँचाने वाले को ₹25,000 का इनाम और प्रमाणपत्र मिलता है, साल में पाँच बार तक। Press Information Bureau
PM RAHAT Scheme में eDAR और TMS 2.0 क्या है?
ये दो सरकारी प्लेटफॉर्म हैं जिन्हें जोड़कर योजना चलती है। एक पुलिस की तरफ का है, दूसरा अस्पताल की तरफ का।
| प्लेटफॉर्म | पूरा नाम | कौन इस्तेमाल करता है | काम |
|---|---|---|---|
| eDAR | Electronic Detailed Accident Report | पुलिस | दुर्घटना की रिपोर्टिंग और पीड़ित का सत्यापन |
| TMS 2.0 | Transaction Management System (NHA) | अस्पताल, SHA, जिला कलेक्टर, GI Council | इलाज, दावा जमा करना, मंजूरी और भुगतान |
दोनों API से जुड़े हैं। eDAR में पीड़ित की जो Victim ID बनती है, वह TMS में मरीज के Patient Registration ID से मैप होती है। इसी लिंक से पता चलता है कि जिस मरीज का दावा बना है, वह सचमुच दर्ज दुर्घटना का पीड़ित है (Meghalaya जिला पेज)।
PM RAHAT Scheme में आवेदन कैसे करें?
पीड़ित की तरफ से कोई आवेदन करना ही नहीं है। PIB में बताई गई पूरी प्रक्रिया अस्पताल, पुलिस और सरकारी पोर्टलों के बीच चलती है। पीड़ित या परिवार का काम बस इतना है कि जल्दी से जल्दी नामित या नजदीकी अस्पताल पहुँचे और 112 पर कॉल करे।
"PM RAHAT Scheme apply online" या "application process" खोजने वाले ज्यादातर लोग इसे PM Kisan या Awas जैसी आवेदन-आधारित योजना समझ लेते हैं। यह वैसी योजना नहीं है, यह हादसे के समय लगने वाली आपातकालीन व्यवस्था है।
क्या PM RAHAT Scheme के लिए Online Registration करना जरूरी है?
नहीं। जो PIB विज्ञप्तियाँ, MoRTH की गाइडलाइंस का सारांश और जिला प्रशासन के पेज मैंने देखे, उनमें पीड़ित के लिए किसी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, "application form 2026" या पंजीकरण पोर्टल का जिक्र नहीं है।
इसलिए कोई वेबसाइट, एजेंट या व्हाट्सऐप ग्रुप "PM RAHAT Yojana 2026 registration" के नाम पर शुल्क माँगे या फॉर्म भरवाए, तो उसे भरोसे लायक न मानें। यहाँ जिन्हें लॉगिन करना है, वे अस्पताल और पुलिस के अधिकारी हैं।
PM RAHAT Scheme का लाभ लेने के लिए कौन-कौन से Documents चाहिए?
सरकारी स्रोतों में इलाज शुरू करने की शर्त के रूप में किसी दस्तावेज का जिक्र मुझे नहीं मिला। इलाज पहले, कागज बाद में, यही योजना का ढाँचा है।
व्यवहार में इतना करना समझदारी है:
- घायल के पास कोई फोटो पहचान पत्र (आधार समेत) हो तो अस्पताल को मरीज दर्ज करने में आसानी होती है। बेहोश मरीज के पास न हो तो इलाज नहीं रुकना चाहिए।
- परिवार का कोई सदस्य अपना नाम और फोन नंबर दे, ताकि अस्पताल और पुलिस संपर्क कर सकें।
जून 2026 के आसपास आई एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कन्नड़ के जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दावे के लिए पीड़ित की चेहरे से पहचान की शर्त हटा दी गई है। यह स्थानीय अधिकारी का बयान है, राष्ट्रीय अधिसूचना नहीं, इसलिए इसे अपने जिले में पुष्ट करके ही मानें।
PM RAHAT Scheme में दुर्घटना के बाद अस्पताल में क्या करना होगा?
नीचे की बातें सरकारी SOP का पालन करने के साथ व्यावहारिक सुझाव हैं:
- भर्ती के वक्त अस्पताल को बता दें कि यह सड़क दुर्घटना का मामला है और PM RAHAT के तहत इलाज होना है।
- डिपॉजिट या एडवांस न दें। योजना का पूरा मकसद यही खत्म करना है।
- पूछ लें कि TMS पर Treatment ID बन गई है या नहीं।
- पुलिस आए तो सहयोग करें। पुलिस की पुष्टि 24 या 48 घंटे में eDAR पर होनी है।
अगर आप घायल को पहुँचाने वाले राहगीर हैं, तो Good Samaritan नियमों के तहत आपको पहचान बताने या रुकने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। PIB की 4 जनवरी 2026 की विज्ञप्ति में यह संरक्षण दोहराया गया है।
PM RAHAT Scheme में इलाज के पैसे कौन देता है?
पैसा Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) से जाता है, और यह इस पर निर्भर करता है कि हादसे में शामिल वाहन का बीमा था या नहीं। PIB के अनुसार:
- बीमित वाहन: भुगतान general insurance कंपनियों के योगदान से।
- बिना बीमा वाला वाहन और Hit & Run: केंद्र सरकार के बजट से।
पीड़ित को न बीमा कंपनी से बात करनी है, न दोषी वाहन का पता लगाना है। यह योजना इलाज का खर्च कवर करती है। मुआवजे का दावा (Motor Accident Claims Tribunal में) एक अलग कानूनी प्रक्रिया है, जिसे इस योजना ने न बदला है न खत्म किया, ऐसा मैंने किसी स्रोत में नहीं पाया।
PM RAHAT Scheme में Claim और Hospital Payment कैसे होता है?
अस्पताल TMS 2.0 पर दावा डालता है और SHA उसे जाँचकर मंजूर करता है। मंजूरी की तारीख से 10 दिन के भीतर भुगतान होना तय है (PIB)। भुगतान करने वाला बदलता है:
| स्थिति | भुगतान कौन करता है |
|---|---|
| बीमित वाहन | General Insurance Council, बीमा की स्थिति जाँचने के बाद |
| बिना बीमा वाहन | जिला कलेक्टर, PFMS के जरिए |
| Hit & Run | जिला कलेक्टर |
| पुलिस ने समय पर जवाब नहीं दिया (TMS timeout) | जिला कलेक्टर |
| गैर-नामित अस्पताल में स्टेबिलाइजेशन | जिला कलेक्टर |
तालिका का ब्योरा Meghalaya जिला पेज से है। ध्यान दें कि पुलिस की देरी की वजह से अस्पताल का दावा अटकता नहीं, वह कलेक्टर के पास चला जाता है। योजना बनाने वालों ने यह देरी पहले से सोच रखी थी।
PM RAHAT Scheme में अगर अस्पताल इलाज से मना करे तो क्या करें?
जान का खतरा हो तो बहस में समय न गँवाएँ। 112 पर कॉल करके दूसरा नामित अस्पताल और एम्बुलेंस माँगें।
मरीज सुरक्षित हो जाने के बाद शिकायत की बारी आती है:
- इनकार का ब्योरा नोट करें: अस्पताल का नाम, समय, किसने मना किया।
- जिले के Grievance Redressal Officer (GRO) को लिखित शिकायत दें।
- संतोषजनक हल न मिले तो जिला कलेक्टर तक जाएँ, और फिर State Road Safety Council तक।
यह क्रम PIB की विज्ञप्ति में दिया गया है। योजना धारा 162 की वैधानिक व्यवस्था है, इसलिए अस्पताल का "यह हमारी सूची में नहीं है" जैसा जवाब शिकायत का आधार बन सकता है, बशर्ते वह अस्पताल नामित हो।
PM RAHAT Scheme की शिकायत कहाँ और कैसे करें?
तीन स्तर बने हैं। जिले में District Road Safety Committee (DRSC) निगरानी करती है, और उसका नियुक्त किया हुआ GRO या संपर्क अधिकारी शिकायत सुनता है। DRSC की अध्यक्षता जिला कलेक्टर, जिला मजिस्ट्रेट या उपायुक्त करते हैं (PIB, फरवरी 2026)।
जिले में समाधान न मिले तो मामला जिला कलेक्टर और फिर State Road Safety Council तक जा सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर एक Inter-Ministerial Steering Committee पूरे क्रियान्वयन की समीक्षा करती है।
अपने जिले के GRO का नाम और नंबर जिला कलेक्टर कार्यालय या परिवहन विभाग से पूछ सकते हैं। मुझे अभी कोई एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर इस योजना के लिए घोषित नहीं दिखा, इसलिए नंबर अंदाज से न लिखें।
PM RAHAT Scheme का Status कैसे Check करें?
पीड़ित के लिए कोई सार्वजनिक "status check" पेज मुझे नहीं मिला। दावे की स्थिति अस्पताल TMS 2.0 पर देखता है, इसलिए पूछताछ अस्पताल के योजना डेस्क से करें।
- इलाज या दावे का सवाल: अस्पताल का PM RAHAT या Ayushman मित्र डेस्क।
- पुलिस सत्यापन: संबंधित थाना या जिला पुलिस।
- भुगतान में देरी: SHA या जिला कलेक्टर कार्यालय (जिला पेजों पर योजना का Citizen App User Manual सूचीबद्ध है, यानी नागरिकों के लिए ऐप का प्रावधान है, लेकिन उसका मौजूदा नाम और सुविधाएँ अपने जिला प्रशासन या MoRTH से जाँच लें)।
PM RAHAT Scheme की Official Website कौन-सी है?
योजना का कोई अलग "apply online" पोर्टल नहीं है। जानकारी कई सरकारी जगहों पर बिखरी है, और नीचे तालिका में बताया है कि कौन-सी जगह किस काम की है।
| स्रोत | यहाँ क्या मिलता है |
|---|---|
| PIB, 11 मार्च 2026 (हिंदी संस्करण) | योजना की मुख्य विशेषताएँ, अस्पतालों की संख्या, भुगतान और शिकायत की व्यवस्था |
| Akashvani (News On AIR) | 14 फरवरी 2026 की लॉन्च रिपोर्ट |
| Delhi North East जिला प्रशासन | गाइडलाइंस, अधिसूचना, पुलिस, अस्पताल, कलेक्टर, GI Council, Good Samaritan और पीड़ित परिवार के अलग SOP, FAQ, Citizen App मैनुअल |
| Meghalaya जिला प्रशासन | पात्रता, भूमिकाएँ, दावा भुगतान का ब्योरा |
| NHA और pmjay.gov.in | सूचीबद्ध अस्पताल और PM-JAY की जानकारी |
Delhi वाले पेज की सबसे काम की चीज़ पीड़ित परिवार वाला SOP है। ज्यादातर हिंदी वेबसाइटें इसका जिक्र तक नहीं करतीं। मंत्रालय की मूल अधिसूचना और गाइडलाइंस के लिए MoRTH की अपनी वेबसाइट देखें।
PM RAHAT Scheme से जुड़े सवाल-जवाब
क्या PM RAHAT Scheme में ₹1.5 लाख तक मुफ्त इलाज मिलता है?
हाँ, प्रति पीड़ित ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज, दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिन के लिए। मरीज को कवर की सीमा के भीतर बिल नहीं चुकाना पड़ता, अस्पताल का भुगतान सरकारी फंड और बीमा योगदान से होता है।
क्या PM RAHAT Scheme सिर्फ National Highway पर लागू होती है?
नहीं। PIB के अनुसार कवर किसी भी श्रेणी की सड़क पर मिलेगा, चाहे वह हाईवे हो, शहर की सड़क या गाँव की।
क्या Hit and Run Accident में PM RAHAT का लाभ मिलता है?
हाँ। ऐसे मामलों में अस्पताल का भुगतान केंद्र सरकार के बजट से होता है, और दावा जिला कलेक्टर के पास जाता है। पीड़ित को दोषी वाहन का पता लगाने की जरूरत नहीं।
क्या बिना पैसे दिए दुर्घटना पीड़ित का इलाज हो सकता है?
हाँ, यही योजना का मूल विचार है। शर्त इतनी है कि इलाज नामित अस्पताल में हो (या गैर-नामित अस्पताल में स्टेबिलाइजेशन के लिए) और भर्ती समय पर हो। कवर से बाहर के खर्च के बारे में अस्पताल से पहले पूछ लें।
PM RAHAT में 7 दिन की सीमा कैसे लागू होती है?
गिनती दुर्घटना की तारीख से शुरू होती है, भर्ती की तारीख से नहीं। 24 और 48 घंटे की सीमाएँ अलग हैं: वे पुलिस के सत्यापन और स्टेबिलाइजेशन इलाज की हैं, कुल इलाज की अवधि की नहीं।
PM RAHAT और Ayushman Bharat में क्या अंतर है?
दोनों का अस्पताल नेटवर्क साझा है, पर बाकी लगभग सब कुछ अलग है। आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य बीमा है, PM RAHAT सड़क हादसे की आपातकालीन इलाज व्यवस्था।
| PM RAHAT | Ayushman Bharat PM-JAY | |
|---|---|---|
| कवर | ₹1.5 लाख प्रति पीड़ित | ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष |
| किसके लिए | सड़क दुर्घटना का हर पीड़ित | SECC डेटा के आधार पर पात्र परिवार |
| कार्ड या पंजीकरण | जरूरत नहीं | पात्रता और कार्ड चाहिए |
| कब | हादसे के बाद 7 दिन तक | पूरे साल, बीमारी और इलाज के अनुसार |
| प्राथमिकता | दूसरी योजनाओं पर वरीयता | अपनी शर्तों के भीतर |
PM RAHAT Scheme का लाभ लेने के लिए कौन पात्र है?
मोटर वाहन से हुई सड़क दुर्घटना का पीड़ित, चाहे भारतीय हो या विदेशी नागरिक, जिसे पहली बार दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर भर्ती किया गया हो। आय या कार्ड की शर्त सरकारी स्रोतों में नहीं मिली।
PM RAHAT Scheme में अस्पताल को भुगतान कैसे किया जाता है?
अस्पताल TMS 2.0 पर दावा डालता है, SHA मंजूर करता है, फिर 10 दिन के भीतर जिला कलेक्टर या General Insurance Council भुगतान करते हैं। रकम Motor Vehicle Accident Fund से आती है।
PM RAHAT Scheme में शिकायत करने की प्रक्रिया क्या है?
पहले जिला स्तर पर GRO, जिसे District Road Safety Committee नियुक्त करती है। वहाँ हल न हो तो जिला कलेक्टर, फिर State Road Safety Council। राष्ट्रीय स्तर पर Inter-Ministerial Steering Committee समीक्षा करती है।
PM RAHAT Scheme 2026 की नई अपडेट क्या है?
आधिकारिक कड़ियाँ इस क्रम में हैं: 13 फरवरी 2026 को लॉन्च, 19 फरवरी को S.O. 952(E) से नामकरण, फरवरी के अंत में MoRTH की राज्यों के साथ तैयारी बैठक, और 11 मार्च 2026 को राज्यसभा में नितिन गडकरी का लिखित जवाब, जिसमें 36,112 सूचीबद्ध अस्पतालों का आँकड़ा दिया गया। जून 2026 में एक जिले में चेहरे की पहचान की शर्त हटाए जाने की रिपोर्ट भी आई।
24 सितंबर 2026 तक की मेरी खोज में इन तारीखों के बाद कोई नया राष्ट्रीय संशोधन नहीं मिला। सबसे ताजा स्थिति के लिए PIB और MoRTH देखते रहें, और दूसरी योजनाओं की खबरों के लिए सरकारी योजना सेक्शन।