एशियन गेम्स 2026 में भारत ने 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज यानी कुल 85 मेडल जीतकर चौथा स्थान पाया। आइची-नागोया (जापान) में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चले इन खेलों में भारत के 21 में से 11 गोल्ड लड़कियों के इवेंट में आए। लड़कों के इवेंट में 7 और मिक्स्ड इवेंट में 3 गोल्ड मिले। पुरुष और महिला, दोनों हॉकी टीमों के गोल्ड से लॉस एंजिल्स 2028 ओलिंपिक के दो टिकट भी पक्के हुए।
मुख्य बातें
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- भारत: 21 गोल्ड, 27 सिल्वर, 37 ब्रॉन्ज, कुल 85 मेडल, चौथा स्थान
- लड़कियों के इवेंट में 11 गोल्ड, लड़कों के इवेंट में 7, मिक्स्ड में 3
- हॉकी में दोनों टीमें चैंपियन, LA 2028 के दो कोटा
- 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स (107 मेडल, 28 गोल्ड) से 22 मेडल और 7 गोल्ड कम
- चीन 169 गोल्ड के साथ फिर पहले नंबर पर
एशियन गेम्स 2026 की अंतिम पदक तालिका: टॉप 5
| स्थान | देश | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज | कुल |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | चीन | 169 | 89 | 83 | 341 |
| 2 | जापान | 83 | 95 | 91 | 269 |
| 3 | दक्षिण कोरिया | 39 | 43 | 68 | 150 |
| 4 | भारत | 21 | 27 | 37 | 85 |
| 5 | उज्बेकिस्तान | 21 | 25 | 24 | 70 |
स्रोत: Khel Now की अंतिम तालिका, Olympics.com

लड़कियां आगे, और यह 2002 के बाद पहली बार हुआ
भारत के 21 गोल्ड का बंटवारा देखें तो लड़कियों के इवेंट में 11, लड़कों के इवेंट में 7 और मिक्स्ड इवेंट में 3 गोल्ड आए। दैनिक भास्कर की गणना के मुताबिक ऐसा आख़िरी बार 2002 के बुसान एशियन गेम्स में हुआ था। तब लड़कियों ने 6 और लड़कों ने 5 गोल्ड जीते थे। फर्क इस बार चार गोल्ड का है, जो उस समय के एक गोल्ड के अंतर से कहीं बड़ा है।
व्यक्तिगत स्टार भी दिखे। तीरंदाज़ कुमकुम मोहोड़ ने दो गोल्ड और एक सिल्वर जीता, और आख़िरी दिन महिला इंडिविजुअल रिकर्व में इतिहास रचा। गोल्फ में प्रणवी उर्स ने भी स्वर्ण जीता।
कहां से आए गोल्ड, कहां से गए
2022 के एशियन गेम्स (आयोजन 2023 में चीन के हांगझोउ में) में भारत ने 28 गोल्ड जीते थे। इस बार 21 आए। भास्कर के आंकड़ों के अनुसार शूटिंग में गोल्ड 7 से घटकर 3 और एथलेटिक्स में 6 से घटकर 1 रह गए। स्क्वॉश (2), टेनिस, बैडमिंटन और घुड़सवारी (1-1) के गोल्ड इस बार नहीं आए।
भरपाई बॉक्सिंग (3 गोल्ड) और रेसलिंग (2 गोल्ड) ने की, जहां पिछली बार एक भी गोल्ड नहीं था। गोल्फ का एक गोल्ड भी नया है। हॉकी में महिला टीम का गोल्ड जुड़ने से भी एक गोल्ड बढ़ा, क्योंकि पिछली बार सिर्फ पुरुष टीम जीती थी। यह जोड़-घटाव कुल 7 गोल्ड की गिरावट पर बैठता है।
| खेल | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज | कुल |
|---|---|---|---|---|
| आर्चरी | 5 | 2 | 2 | 9 |
| शूटिंग | 3 | 8 | 4 | 15 |
| बॉक्सिंग | 3 | 0 | 3 | 6 |
| रेसलिंग | 2 | 2 | 2 | 6 |
| क्रिकेट | 2 | 0 | 0 | 2 |
| हॉकी | 2 | 0 | 0 | 2 |
| कबड्डी | 2 | 0 | 0 | 2 |
| एथलेटिक्स | 1 | 9 | 14 | 24 |
स्रोत: Olympics.com। गोल्फ के गोल्ड और अन्य छोटे मेडल इस तालिका में शामिल नहीं हैं।

एक आंकड़ा अलग से देखने लायक है। एथलेटिक्स ने भारत को सबसे ज्यादा 24 मेडल दिए, पर गोल्ड सिर्फ एक। 9 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज बताते हैं कि खिलाड़ी पोडियम तक पहुंच रहे हैं, पर आख़िरी पायदान पर चूक रहे हैं। चौथे और छठे नंबर में यही फर्क है।
गोल्ड बराबर, फिर भी भारत आगे: उज्बेकिस्तान से मुकाबला कैसे सुलझा
भारत और उज्बेकिस्तान दोनों के 21 गोल्ड रहे। मेडल तालिका में पहले गोल्ड गिने जाते हैं, फिर सिल्वर, फिर ब्रॉन्ज। भारत के 27 सिल्वर के मुकाबले उज्बेकिस्तान के 25 थे, इसलिए भारत चौथे पर रहा।
यही नियम दूसरी तरफ भी चला। कजाखस्तान ने 84 मेडल जीते, भारत से सिर्फ एक कम, पर 12 गोल्ड की वजह से वह आठवें स्थान पर रहा। यानी इस तालिका में कुल मेडल से ज्यादा गोल्ड की गिनती मायने रखती है।
हॉकी: दो गोल्ड और LA 2028 के दो टिकट
हॉकी में एशियन गेम्स का गोल्ड सीधे ओलिंपिक कोटा देता है। इसलिए भारत के पुरुष और महिला, दोनों वर्ग लॉस एंजिल्स 2028 के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं।
पुरुष टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराया, जो भारत का पांचवां एशियाड हॉकी गोल्ड है। महिला टीम वर्ल्ड कप में पांचवें स्थान के बाद इन खेलों में आई थी और उसका लक्ष्य शुरू से यही कोटा था। दोनों टीमों का एक ही एशियाड में गोल्ड जीतना भास्कर के मुताबिक पहली बार हुआ है।
इसी एशियाड में क्रिकेट और कबड्डी के भी दोनों गोल्ड भारत ही ले गया। हॉकी तीसरा भारतीय टीम खेल बना जिसमें दोनों वर्गों का खिताब आया। पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराया।

चीन की बादशाहत: 1982 से लगातार
चीन ने 169 गोल्ड के साथ कुल 341 मेडल जीते। जापान 83 गोल्ड के साथ दूसरे और दक्षिण कोरिया 39 के साथ तीसरे स्थान पर रहा। जापान के गोल्ड चीन के आधे से कम हैं। चीन 1982 के बाद से हर एशियन गेम्स में पहले नंबर पर रहा है।
भारत की स्थिति पिछली बार जैसी ही रही, यानी चौथा। पर 85 मेडल पिछली बार के 107 से 22 कम हैं। फिर भी यह भारत के एशियन गेम्स इतिहास का दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन है। 2018 जकार्ता में भारत के 70 मेडल थे।
रिकॉर्ड्स: जो भास्कर की गिनती में दर्ज है
भास्कर के अनुसार इन खेलों में 53 विश्व रिकॉर्ड, 76 एशियाई रिकॉर्ड और 166 गेम्स रिकॉर्ड बने। भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन के खिलाफ 238 अंक बनाए, जो विश्व रिकॉर्ड की बराबरी है।
आगे क्या
भारतीय खिलाड़ियों का अगला पड़ाव 18 से 24 अक्टूबर 2026 को नागोया में होने वाले एशियन पैरा गेम्स हैं। हॉकी टीमों के लिए 2028 की तैयारी अब शुरू होती है। इन खेलों का एक संयोग यह भी था कि 1951 में पहला एशियन गेम्स नई दिल्ली में हुआ था, यानी यह उसका 75वां साल है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कितने मेडल जीते?
85 मेडल: 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज।
भारत किस स्थान पर रहा?
चौथे स्थान पर, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के पीछे।
उज्बेकिस्तान के बराबर गोल्ड के बाद भी भारत आगे क्यों रहा?
दोनों के 21 गोल्ड थे। भारत के 27 सिल्वर के सामने उज्बेकिस्तान के 25 थे, और गोल्ड बराबर होने पर सिल्वर गिने जाते हैं।
भारत को सबसे ज्यादा मेडल किस खेल में मिले?
एथलेटिक्स में, कुल 24, लेकिन उनमें गोल्ड सिर्फ एक।
हॉकी जीतने से ओलिंपिक टिकट कैसे मिलता है?
FIH की LA 2028 क्वालिफिकेशन व्यवस्था में एशियन गेम्स के गोल्ड विजेता को सीधा कोटा मिलता है।
एशियन गेम्स 2026 कहां और कब हुए?
आइची प्रांत और नागोया (जापान) में, 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक, कुल 43 खेलों के 469 इवेंट के साथ।
संदर्भ और स्रोत: Olympics.com · Wikipedia: 2026 Asian Games · Prasar Bharati (2022 खेल, हांगझोउ) · ThePrint (हॉकी कोटा नियम)
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