X पर चल रहे “Anushi Tiwari Indian” (@indiantiwari01) अकाउंट को भारत में बैन किए जाने की खबर 15 अक्टूबर 2026 को आजतक ने दी। इसी हैंडल ने राहुल गांधी की रैली पर दिल्ली पुलिस की फायरिंग और पांच कार्यकर्ताओं की मौत का झूठा दावा किया था। दिल्ली पुलिस इसे पहले ही अफवाह बता चुकी थी।
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान फर्जी वीडियो और भड़काऊ पोस्ट डालने वाला यह अकाउंट भारत सरकार की पहल पर बैन किया गया है। बैन के आदेश की कॉपी सार्वजनिक नहीं है। यानी किस कानूनी धारा के तहत यह हुआ, यह अभी अपुष्ट है। aajtak
Anushi Tiwari Indian X अकाउंट बैन: अब तक क्या पक्का है
खबर में तीन तरह की बातें मिली हुई हैं: पुष्ट तथ्य, मीडिया रिपोर्ट और सूत्रों के दावे। इन्हें अलग रखकर देखिए।
| बात | स्थिति | स्रोत |
|---|---|---|
| अकाउंट भारत में बैन हुआ | मीडिया रिपोर्ट। आदेश सार्वजनिक नहीं | आजतक, 15 अक्टूबर 2026 |
| दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को हैंडल के पोस्ट को अफवाह कहा | पुष्ट। पुलिस का अपना X पोस्ट | दिल्ली पुलिस, 12 अक्टूबर 2026 |
| फायरिंग वाला वीडियो पुराना है | पुष्ट। फैक्ट-चेक में साबित | NewsMeter, 13 अक्टूबर 2026 |
| अकाउंट पाकिस्तान से चल रहा था | दावा। आजतक और पुलिस सूत्र ऐसा कहते हैं | नीचे अलग सेक्शन |
| “13 लोग मारे गए” वाला पोस्ट | आजतक की रिपोर्ट में है। मूल पोस्ट मैं नहीं देख पाया | आजतक newsmeter |
टाइमलाइन: झूठ एक पोस्ट में फैला, रोकने में तीन दिन लगे
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 10 अक्टूबर | पुलिस अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट: इस दिन कई हैंडल्स ने दिल्ली के प्रदर्शनों में कई लोगों की मौत के झूठे दावे फैलाए। |
| 12 अक्टूबर | INDIA ब्लॉक का मार्च कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से सुप्रीम कोर्ट की ओर निकला। उसी दिन @indiantiwari01 ने "पुलिस फायरिंग, 5 कार्यकर्ता मरे" लिखकर वीडियो डाला। दिल्ली पुलिस ने उसी दिन इसे अफवाह बताया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। |
| 13 अक्टूबर | NewsMeter ने वीडियो पुराने साबित किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक करीब 500 पोस्ट हटाई गईं और लगभग 100 हैंडल बंद कराए गए। चार FIR दर्ज होने की भी खबर है। |
| 15 अक्टूबर | आजतक ने अकाउंट के बैन होने की खबर दी। Delhi Police FIR: Four cases filed over fake protest rumours on social media +3 |
हिसाब सीधा है। झूठ फैलाने में एक पोस्ट और कुछ सेकंड लगे। खंडन उसी दिन आया, फैक्ट-चेक अगले दिन और बैन की खबर तीन दिन बाद। इस बीच पोस्ट हजारों लोगों तक पहुंच सकती थी। बैन की सटीक घड़ी मुझे नहीं मिली।
जो दावे किए गए और उनकी सच्चाई
| दावा | सच्चाई | आधार |
|---|---|---|
| रैली में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी पर गोली चलाई, 5 कार्यकर्ता मरे | वीडियो फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के चांद बाग का है, जहां भीड़ ने पुलिस पर हमला किया था। | NewsMeter ने 5 मार्च 2020 की पुरानी फेसबुक पोस्ट और TOI रिपोर्ट से मिलान किया |
| सेना ने प्रदर्शनकारी को पीटा (पोस्ट में सेना के एक अधिकारी का नाम जोड़ा गया) | वीडियो 2019 में YouTube पर अपलोड मिला और उसकी जड़ 2017 की एक रिपोर्ट तक जाती है। जगह-तारीख की स्वतंत्र पुष्टि NewsMeter ने नहीं की, पर वीडियो इस प्रदर्शन से काफी पुराना है | NewsMeter |
| 13 अक्टूबर को राहुल गांधी के घर पर हमला, गोलीबारी | उसी दिन NDTV के लाइव विजुअल में INDIA ब्लॉक नेताओं की हाई-टी बैठक दिखी। हमले या गोलीबारी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। | NewsMeter, NDTV |
| राहुल गांधी घायल हुए (आजतक के अनुसार) | राहुल गांधी 12 अक्टूबर को मार्च की अगुवाई करते दिखे, ट्रक पर खड़े होकर नेताओं के साथ। | NDTV, NewsMeter Fact Check: Delhi Police open fire at Rahul Gandhi, Indian Army assault anti-CEC protester? No, videos are old, unrelated +3 |
आजतक ने “2019 का पुराना वीडियो” लिखा है, जबकि फायरिंग वाला क्लिप 2020 का निकला। दोनों रिपोर्टों में अलग-अलग क्लिप हो सकते हैं। मैं इसे गलती नहीं कह रहा। पर आप खुद लिखें तो साल का हवाला स्रोत के साथ दें।
क्या अकाउंट सच में पाकिस्तान से चल रहा था?
आजतक की रिपोर्ट कहती है कि जांच में अकाउंट का साइनअप देश पाकिस्तान (PK) दिखा। अकाउंट का बायो खुद को “Indian by birth”, “INC” और “Rahul Gandhi Leader” बताता है, जबकि काम भारत-विरोधी प्रचार का था। aajtak
स्वतंत्र फैक्ट-चेक संस्था NewsMeter की जांच थोड़ी अलग है। अकाउंट के बायो में लोकेशन उत्तर प्रदेश लिखा था, पर X के “About this account” सेक्शन में इलाका “South Asia” दिखा। X ने संकेत दिया कि अकाउंट VPN इस्तेमाल कर रहा हो सकता है। दिल्ली पुलिस ने अपने पोस्ट में हैंडल के पहले के रिकॉर्ड की बात की, पर पाकिस्तान का नाम उस पोस्ट में नहीं था। पाकिस्तान का दावा पुलिस सूत्रों के हवाले से आया है।
सीधी बात यह है कि अकाउंट फर्जी था और उसके पोस्ट झूठे थे। यह पुष्ट है। उसका पाकिस्तान से चलना अब तक सूत्रों और आजतक की जांच पर टिका है। सार्वजनिक X डेटा से इतना ही साबित होता है कि वह दक्षिण एशिया में कहीं से था।
"भारत में बैन" का मतलब क्या है
सामान्य तौर पर इसका मतलब है कि अकाउंट भारत में दिखना बंद हो जाता है, जबकि प्लेटफॉर्म पर वह बाहर से दिख सकता है। भारत में ऐसे मामले आम तौर पर IT Act की धारा 69A के तहत आते हैं। यह धारा संप्रभुता, राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या संज्ञेय अपराध भड़काने की रोकथाम जैसे आधार पर ब्लॉकिंग की इजाजत देती है। ऐसा निर्देश अदालत या केंद्र का अधिकृत अधिकारी ही दे सकता है, आम यूजर की शिकायत से पूरा अकाउंट नहीं हटता।
इसी साल अकाउंट-स्तर की ब्लॉकिंग पर विवाद भी रहा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने मार्च-अप्रैल 2026 में ऐसे कुछ अकाउंट बहाल करने के आदेश दिए। X ने भी MeitY को लिखी चिट्ठी में अकाउंट-स्तर के ब्लॉक को असंगत बताया था। उन मामलों में अकाउंट भारतीय यूजर्स के थे। इस मामले में आदेश या कोर्ट कार्यवाही की जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
एक आकलन, जो हमारा अपना है, तथ्य नहीं: नया अकाउंट बनाने में मिनट लगते हैं। इसलिए एक हैंडल का बैन वायरल झूठ की समस्या का स्थायी हल नहीं है।
पहले भी ऐसा हुआ है: 2021 से ऑपरेशन सिंदूर तक
- 2021, किसान आंदोलन: दिल्ली पुलिस ने 300 से ज्यादा पाकिस्तान-आधारित ट्विटर हैंडल की बात कही थी और 30 जनवरी को MeitY ने लगभग 250 ट्वीट और अकाउंट ब्लॉक करने का निर्देश दिया था।
- ऑपरेशन सिंदूर (2025): सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि 1,400 से ज्यादा URL ब्लॉक हुए, ज्यादातर पाकिस्तान-आधारित हैंडल से आए झूठे और भड़काऊ कंटेंट के खिलाफ।
पैटर्न वही है। संवेदनशील मौके पर पुराने वीडियो नई घटना के नाम से फैलते हैं।
वायरल पोस्ट पर 2 मिनट की जांच
इसमें पैसा नहीं लगता, सिर्फ करीब दो मिनट।
- पोस्ट का समय देखें (20 सेकंड)। घटना बड़ी हो तो मुख्यधारा के चैनल, एजेंसी या लाइव विजुअल में भी दिखनी चाहिए। सिर्फ एक अनजान हैंडल पर हो तो रुकिए।
- अकाउंट की प्रोफाइल देखें (30 सेकंड)। जॉइन तारीख और “About this account” में इलाका देखें। बायो का दावा और इलाका मेल न खाएं तो शक करें। मेनू का नाम ऐप के संस्करण में बदल सकता है।
- वीडियो की रिवर्स सर्च (45 सेकंड)। Google Lens से किसी फ्रेम की तस्वीर खोजें। पुराना क्लिप अक्सर तारीख के साथ मिल जाता है।
- आधिकारिक हैंडल देखें (20 सेकंड)। दिल्ली पुलिस, PIB Fact Check या संबंधित विभाग का खंडन चेक करें।
- फिर भी शक हो तो शेयर न करें। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दुर्भावनापूर्ण अफवाह फैलाना दंडनीय अपराध है। किन धाराओं में, यह पुलिस के बयान में नहीं बताया गया। कानूनी राय के लिए वकील से पूछें।
आगे क्या करें: इन पांच में से दो भी न हो पाएं तो पोस्ट को आगे न भेजें। गलती से भेज दी हो तो डिलीट करें और जिसे भेजी, उसे बता दें।
क्या राहुल गांधी पर गोली चली थी?
नहीं। दिल्ली पुलिस ने दावे को अफवाह बताया और NewsMeter ने वीडियो पुराने साबित किए। राहुल गांधी 12 अक्टूबर को मार्च में दिखे और 13 अक्टूबर को घर पर बैठक की।
Anushi Tiwari Indian कौन है?
कोई सत्यापित जानकारी नहीं कि अकाउंट के पीछे कौन है। पुलिस और आजतक इसे फर्जी बताते हैं। बायो में कविता की किताबों का शौक लिखा था, पर इससे किसी असली व्यक्ति की पहचान साबित नहीं होती।
बैन के बाद क्या पोस्ट पूरी तरह मिट जाते हैं?
जरूरी नहीं। "भारत में बैन" आम तौर पर भारत में पहुंच रोकना होता है, डिलीट करना नहीं। यहां ठीक क्या हुआ, यह अपुष्ट है।
क्या ऐसे पोस्ट शेयर करने वाले पर भी कार्रवाई हो सकती है?
पुलिस ने अफवाह फैलाने को दंडनीय बताया है और हैंडल्स के खिलाफ FIR की रिपोर्ट है। आम यूजर पर कार्रवाई की कोई पुष्ट मिसाल मुझे नहीं मिली। सावधानी इसलिए बरतें।
क्या और अकाउंट भी बैन होंगे?
आजतक के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों की नजर में कई पाकिस्तानी हैंडल हैं और जल्द कार्रवाई होगी। यह सूत्रों की बात है, आधिकारिक घोषणा नहीं।