भारत पर टैरिफ: ट्रंप की छूट से 100% शुल्क का खतरा फिलहाल टला, पर मौजूदा दर नहीं घटी
वॉशिंगटन/नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2026: White House पर प्रकाशित आदेश के मुताबिक राष्ट्रपति ने Graham Act की धारा 115 के तहत कई sanctions, restrictions और duties को माफ किया है और इसका certification Congress को भेजा है। भारत में PTI ने यह खबर 17 अक्टूबर की सुबह चलाई। आदेश में किसी देश का नाम नहीं है। IANS ने भी यही नोट किया। Implementing the Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 +2
ग्राहम एक्ट के आदेश में असल में क्या लिखा है
आदेश ने टैरिफ को कानूनी रूप से "चालू" किया, फिर धारा 4 में उन्हें रोक दिया। ग्राहम एक्ट को Senate ने 7 अगस्त 2026 को 86-11 से, और House ने 16 सितंबर को 262-159 से पास किया, और ट्रंप ने 18 सितंबर को इस पर दस्तखत किए। कानून राष्ट्रपति को 30 दिन में कार्रवाई करने या waiver देने को कहता था, और यह मियाद 18 अक्टूबर को पूरी हो रही थी। Wikipediabusiness-standard
White House के आदेश (16 अक्टूबर 2026) की मुख्य बातें:
| आदेश की धारा | कानून में क्या था | अब क्या हुआ |
|---|---|---|
| Sec 2(a) | रूस से आने वाले सामान पर 500% अतिरिक्त शुल्क | धारा 112 के तहत माफ |
| Sec 2(b) | रूसी कच्चे तेल/गैस के 5 सबसे बड़े आयातकों पर 100% शुल्क, अगर वे 18 अक्टूबर 2026 या उसके बाद "जानबूझकर नई खरीद" करें | धारा 113 के तहत माफ, पर USTR निगरानी करेगा |
| Sec 2(c) | रूसी तेल पर sanctions से बचाने में मदद करने वाले शीर्ष 5 देशों पर 100% शुल्क | माफ |
| Sec 4(b)-(c) | कई sanctions और restrictions (धारा 102(a), 102(d), 102(e), 103 से 111, और 117) | माफ |
| पुराने executive orders के sanctions | रूसी सरकार और संस्थाओं पर पहले से लागू | बरकरार, आदेश इन्हें नहीं छूता |
दो बातें तालिका से आगे की हैं। पहली, आदेश कहता है कि ये शुल्क किसी भी दूसरे शुल्क के ऊपर जुड़ेंगे, यानी stack होंगे। दूसरी, माफी तब तक चलेगी जब तक राष्ट्रपति या Secretary of State आगे की कार्रवाई को जरूरी न समझें। whitehousewhitehouse
भारत पर टैरिफ आज कितना है, और क्या यह घटेगा
छूट से भारत का मौजूदा टैरिफ नहीं बदला। यह इसलिए नहीं बदला क्योंकि छूट ने सिर्फ एक नया संभावित शुल्क रोका है, पहले से लगा शुल्क नहीं छुआ।
आज की तस्वीर शुल्क-वार देखें तो: 5 अक्टूबर 2026 तक ज्यादातर भारतीय सामान पर HTS line का सामान्य शुल्क और 24 जुलाई 2026 से 10% का Section 301 शुल्क लग रहा था। IANS (15 अक्टूबर) ने भी यही लिखा कि भारतीय सामान पर पहले से 10% Section 301 शुल्क है। airliftusasocialnews
यह कैसे हुआ, इसकी समयरेखा:
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| अगस्त 2025 | रूसी तेल से जुड़े 25% को मिलाकर ज्यादातर सामान पर कुल 50% |
| 7 फरवरी 2026 | रूसी तेल वाला 25% शुल्क हटाया गया |
| 20 फरवरी 2026 | Supreme Court ने कहा कि IEEPA कानून टैरिफ लगाने की इजाजत नहीं देता |
| 24 फरवरी 2026 | IEEPA शुल्क की वसूली बंद, 10% Section 122 सरचार्ज शुरू |
| 24 जुलाई 2026 | Section 122 खत्म, 10% Section 301 शुरू |
(स्रोत: Airlift USA का tariff guide, जो Federal Register और CBP के दस्तावेजों का हवाला देता है) airliftusa
18% वाली बात अक्सर गलत दोहराई जाती है। फरवरी में framework में भारत पर 18% की बात हुई थी, और रिपोर्टों में यह 50% से घटकर 18% होने के रूप में छपा। लेकिन Airlift के विश्लेषण के अनुसार 18% कभी किसी प्रकाशित आदेश में नहीं आया और 5 अक्टूबर तक Interim Agreement का पाठ सार्वजनिक नहीं हुआ था। इसलिए "घटेगा या नहीं" का जवाब ग्राहम एक्ट की छूट में नहीं, India-US trade deal में है। उस पर रिपोर्ट है कि पहला हिस्सा करीब है और डेयरी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। India says first phase of US trade deal nearly done, insists on edge over rivals +2
नोट: tariff दरें बार-बार बदलती हैं। किसी खास product का शुल्क जानना हो तो अपने customs broker या Federal Register से पक्का करें।
यह छूट कितनी पक्की है
यह स्थायी राहत नहीं, एक switch है जो बंद किया गया है। तीन बातें इसे साफ करती हैं:
- वापसी का रास्ता खुला है। आदेश में माफी की कोई end date नहीं है। IANS के मुताबिक McCaul और Costa ने पत्र में छूट को “narrow, time-limited” रखने को कहा था, जबकि आदेश की छूट open-ended है। hiindia
- वापस लेने का अधिकार बंटा हुआ है। आदेश की धारा 5 में Section 115 की शक्ति Secretary of State को भी सौंपी गई है (Treasury और USTR से सलाह के बाद)। यानी बदलाव किसी बड़ी घोषणा के बिना भी आ सकता है। यह आदेश के पाठ से हमारा निष्कर्ष है।
- निगरानी जारी है। USTR को State, Treasury और Energy विभागों के साथ मिलकर रूसी तेल-गैस की खरीद पर नजर रखने और राष्ट्रपति को रिपोर्ट देने का निर्देश है। whitehouse
एक तकनीकी बात जो अक्सर छूट जाती है: BW Businessworld के मुताबिक कानून की कसौटी सिर्फ कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की खरीद पर है, refined products जैसे डीजल पर नहीं। अमेरिका ने खुद रूसी डीजल को लेकर जो ढील दी, वह इसी अंतर की वजह से अलग मामला है। businessworld
जमीन पर क्या होगा: रिफाइनरियों की नजर से
शुल्क माफ हुआ है, पर रिफाइनरियों का जोखिम हिसाब खत्म नहीं हुआ। कागज पर राहत है, लेकिन कंपनियां जानती हैं कि छूट उलट सकती है।
आयात के आंकड़े (Kpler):
- 27 सितंबर तक सितंबर में भारत ने कुल 5.251 मिलियन बैरल प्रति दिन (mbpd) कच्चा तेल मंगाया, जिसमें रूस का हिस्सा 1.742 mbpd था। हमारी गणना से यह कुल आयात का करीब 33% बैठता है। business-standard
- जुलाई में रूसी आयात 2.65 mbpd और अगस्त में 2.02 mbpd था, और सितंबर में यह घटकर करीब 1.74 mbpd (अप्रैल के बाद सबसे कम) रह गया। दूसरी रिपोर्टों में सितंबर का आंकड़ा 1.82 mbpd भी मिलता है, इसलिए स्रोत अनुसार थोड़ा फर्क है। business-standard
- Kpler का अनुमान है कि अक्टूबर में भी यह 1.8 से 1.9 mbpd के आसपास रहेगा। loktej
गिरावट को सिर्फ टैरिफ के डर से जोड़ना गलत होगा। Kpler के Sumit Ritolia के मुताबिक यह कमी सिर्फ अमेरिकी टैरिफ का नतीजा नहीं है; चीनी रिफाइनरियों की बढ़ती खरीद भी बड़ी वजह है। और विकल्प भी आसान नहीं हैं: Kpler के Nikhil Dubey ने कहा कि करीब 2 मिलियन बैरल की रूसी आपूर्ति बदलना मुश्किल है, क्योंकि सऊदी आपूर्ति भी प्रभावित है। loktejbusiness-standard
Worked example (काल्पनिक): मान लीजिए कोई भारतीय exporter 10 लाख डॉलर का सामान अमेरिका भेजता है। आज उस पर 10% Section 301, यानी करीब 1 लाख डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगता है। अगर Graham Act का 100% लागू होता और stack होता, तो अतिरिक्त शुल्क 110% यानी 11 लाख डॉलर बनता। सामान्य HTS शुल्क इसके अलावा। यही वह झटका था जो फिलहाल टला है।
मेरे विचार से (यह विश्लेषण है, पुष्ट तथ्य नहीं) रिफाइनरियां अभी “wait and watch” में रहेंगी। 18 अक्टूबर के बाद की हर नई खरीद का रिकॉर्ड इसलिए अहम है कि USTR निगरानी में यही देखेगा।
ट्रंप प्रशासन ने छूट क्यों दी
आधिकारिक कारण सिर्फ इतना है कि छूट "अमेरिका के राष्ट्रीय हित में" है। Certification और उसका आधार बताने वाली रिपोर्ट Congress को भेजी गई है, पर कानून के तहत यह सार्वजनिक करना जरूरी नहीं। इसलिए असली वजहें अनुमान ही हैं: hiindia
- डीजल सौदा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने 9 अक्टूबर को रूसी ईंधन पर कुछ पाबंदियां अस्थायी रूप से हटाईं और ट्रंप ने रूस से 3 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा डीजल की आपूर्ति का सौदा घोषित किया। iranintl
- ईंधन की कीमतें। एक विश्लेषण (Modern Diplomacy, 12 अक्टूबर) का तर्क था कि भारत के crude खरीद पर सजा देने से उसी बाजार में डीजल घटता जिसे व्हाइट हाउस शांत रखना चाहता है। यह राय है, आधिकारिक बयान नहीं।
Congress में विरोध भी साफ है: McConnell, Cornyn और Collins समेत एक दर्जन senators ने डीजल सौदा रद्द करने और कानून लागू करने की मांग की थी। उनके 13 अक्टूबर के पत्र में निशाना खास तौर पर चीन था, भारत का नाम नहीं था। iranintlsocialnews
भारत के लिए आगे की तारीखें
| तारीख | क्या होना है | स्रोत/स्थिति |
|---|---|---|
| 14 अक्टूबर | MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने इस कानून पर अमेरिका को चिंताएं पहले ही बता दी हैं | ANI/Tribune रिपोर्ट |
| 18 अक्टूबर | "नई खरीद" की कसौटी की शुरुआत (छूट के कारण शुल्क लागू नहीं) | आदेश Sec 2(b) |
| 17 से 22 अक्टूबर | विदेश मंत्री मार्को रुबियो का दौरा: समरकंद, मुंबई, जामनगर | State Department/रिपोर्ट |
| 20 अक्टूबर | मुंबई में जयशंकर से बैठक की रिपोर्ट | IANS, [VERIFY] tribuneindiasocialnews |
BW Businessworld के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट है कि जामनगर एजेंडे में Reliance से Venezuelan grades की ओर और बढ़ने की मांग शामिल है। यह आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। businessworld
सवाल जो लोग सबसे ज्यादा पूछ रहे हैं
क्या भारत पर टैरिफ घट गया?
नहीं। आदेश ने सिर्फ नए संभावित 100% शुल्क को रोका है। मौजूदा दर पर इसका असर नहीं है।
भारत पर अभी कितना टैरिफ है?
प्रकाशित सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर सामान पर HTS का सामान्य शुल्क और 10% Section 301। पुराना 50% फरवरी 2026 में खत्म हो चुका है। [VERIFY: Federal Register 91 FR 47318]
ग्राहम एक्ट क्या है?
रूस पर sanctions और रूसी ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर टैरिफ का कानून, जो 18 सितंबर 2026 को साइन हुआ। इसमें रूसी सामान पर 500% और शीर्ष 5 खरीदारों पर 100% तक का प्रावधान है।
छूट कितने दिन चलेगी?
आदेश में कोई तय तारीख नहीं है। यह तब तक चलेगी जब तक राष्ट्रपति या Secretary of State आगे की कार्रवाई जरूरी न समझें।
क्या अब भारत बेफिक्र होकर रूसी तेल खरीद सकता है?
यह छूट खरीद की मंजूरी नहीं है। पुराने executive orders के sanctions पूरी तरह लागू हैं, और USTR निगरानी कर रहा है।
क्या आदेश में भारत या चीन का नाम है?
नहीं। IANS के मुताबिक आदेश में किसी देश का नाम नहीं है। शीर्ष-5 सूची आदेश में प्रकाशित नहीं है। hiindia
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम बदलेंगे?
आदेश से घरेलू दाम सीधे तय नहीं होते। इस पर अभी कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है। [VERIFY]
India-US trade deal कब होगा?
अभी तय नहीं। रिपोर्ट है कि पहला हिस्सा करीब है और डेयरी सबसे बड़ी बाधा है। socialnews
अगला कदम
20 से 22 अक्टूबर के बयानों और Federal Register के नोटिस पर नजर रखें, क्योंकि छूट में कोई भी बदलाव वहीं पहले दिखेगा। मूल आदेश White House की साइट पर है, और भारत पर Section 301 का नोटिस Federal Register पर। अपने सामान का शुल्क जानने के लिए customs broker से पुष्टि करें।